16 जून 2019 - 14:09
एकध्रुवीय विश्व व्यवस्था का मुकाबला किया जाना चाहियेः राष्ट्रपति रूहानी

स समय विश्व के लगभग 20 देश हैं जो मुख्य रूप से अमेरिका की वर्चस्ववादी नीति के विरोधी हैं और अमेरिका ने उनके खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगा रखा है।

ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ताजिकिस्तान की राजधानी दोशंबे में होने वाले सीका सम्मेलन में एकध्रुवीय विश्व व्यवस्था के मुकाबले में बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था को मज़बूत बनाने पर बल दिया है।

राष्ट्रपति रूहानी ने सीका सम्मेलन में मौजून नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति के संवेदनशील होने के कारण सीका के सदस्य देशों को चाहिये कि वे एकध्रुवीय विश्व व्यवस्था के मुकाबले में होशियारी व समझदारी से नीति अपना कर बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मज़बूत करें।

ईरान की विदेश नीति का आधार सहकारिता और संयुक्त हितों के मार्गों में वृद्धि और उनका पता लगाना है। इसी कारण उसने शांति व सुरक्षा को मज़बूत बनाने के लिए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय नीति संकलित करने की घोषणा की है।

सीका सम्मेलन में राष्ट्रपति के भाषण और कतर नरेश तथा ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति के साथ उनकी भेंटवार्ता से इसी दृष्टिकोण की पुष्टि होती है। राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने कतर नरेश शैख़ तमीम बिन हमद आले सानी से भेंट में कहा कि क्षेत्रीय देशों की शांति व सुरक्षा एक दूसरे जुड़ी हुई है और तेहरान क्षेत्रीय देशों के संबंधों में न्याय और भाईचारे का इच्छुक है।

शैख़ तमीम बिन हमद आले सानी ने भी इस भेंट में कहा कि क्षेत्र की समस्त समस्याओं का समाधान केवल वार्ता और सामूहिक सहकारिता से संभव है।

इसी प्रकार राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने ताजिकिस्तान के अपने समकक्ष इमाम अली रहमानोफ़ से भेंट में कहा कि दोनों देशों की सरकारों के संकल्प के परिप्रेक्ष्य में शांति व सुरक्षा पहले से अधिक मज़बूत होगी।

विश्व समुदाय विशेषकर पश्चिम एशिया को हालिया कुछ दशकों से अत्यधिक चुनौतियों व समस्याओं का सामना है और उनमें से बहुत सी समस्याओं की जड़ अमेरिकी हस्तक्षेप है।

आतंकवाद, अतिवाद, अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भूमिका में कमी, समझौतों व कानूनों का उल्लंघन, दूसरे देशों की संप्रभुता का उल्लंघन और उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप इस समय विश्व की नई चुनौतियां हो गयी हैं।

इस समय विश्व के लगभग 20 देश हैं जो मुख्य रूप से अमेरिका की वर्चस्ववादी नीति के विरोधी हैं और अमेरिका ने उनके खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगा रखा है।  

अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ सैयद मोहम्मद बाकिर नूरबख्श का मानना है कि राष्ट्रसंघ और सुरक्षा परिषद को जानना चाहिये कि विश्व को अधिक शांत, सुरक्षित और विकसित बनाने के लिए एक पक्षीय नीति के मुकाबले में डट जाना चाहिये।

बहरहाल स्वतंत्र, स्वाधीन और क्षेत्रीय देशों की एक दूसरे से सहकारिता क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय सहकारिता में मज़बूती का कारण बनेगी और राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी के सीका सम्मेलन में दिये गये उस बयान को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है जिसमें उन्होंने स्वतंत्र देशों की रचनात्मक भूमिका पर बल दिया है।